How to learn technical analysis step by step in Hindi Part 2: चार्ट पेटर्न के प्रकार,कैंडलस्टिक को समझे, टाइमफ्रेम का महत्त्व

How to learn technical analysis step by step in Hindi Part 2: नमस्कार

दोस्तों टेक्निकल एनालिसिस के भाग 2 में आपका स्वागत है| पिछले पार्ट एक में हमने

जाना की टेक्निकल एनालिसिस क्या होता है|

उसका लिमिटेशन और स्ट्रेंथ के बारे में समझा आज हम जानेंगे की tools and

techniques of technical analysis,technical analysis pdf चार्ट कितने तरह

के होते है| हमे कोनसा चार्ट इस्तेमाल करना चाहिए,ट्रेडिंग के समय टाइम फ्रेम का

महत्व क्या है और कैंडलस्टिक को कैसे समझा जाए|

यह बुनियादी बाते समज़ने के बाद ही आपको एडवांस चीज़े समझ आएगी यह मेरा

विश्वास है| तो बिना समय गवाए चलिए शुरू करते है आजका पार्ट दोन|

शेयर मार्केट में चार्ट क्या होता है ? या What is Chart in stock market

इस सवाल का एक बहुत आसान सा जवाब है – समयके साथ ग्राफ पर शेयर की कीमत के बदलाव के

कारण जो आकृति या कैंडल बनती है उसे चार्ट कहा जाता है।

शेयर मार्केट जब शुरू होता है तब से हर समय शेयर की प्राइस कम या ज्यादा होती रहती

है शेयर की  प्राइस के

इसी उतार-चढ़ाव में कुछ ग्राफ बनते हैं जिन्हें Chart pattern कहा जाता है| 

और Technical Analysis में किसी भी शेयर के कीमत के बारे में आकलन करने के

लिए या शेयर की किम्मत का भविष्य समज़ने के लिए “चार्ट पेटर्न और कैंडलस्टिक

पैटर्न” हमें मदद करते हैं। 

चार्ट पेटर्न और कैंडलस्टिक पैटर्न” को सही से समझने के लिए दो Basic चीजों की जानकारी होना जरूरी है|

TimeFrames और Price data

How to learn technical analysis step by step in Hindi Part 2 TimeFrames

Indian Share Market सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:15 पे Open होता है, और दोपहर

3:30 बजे Close होता है। और इसी बिच traders एक शेयर को कई बार खरीदते और बेचते है,

जिसे हम Trading कहते है। और इसी कारण से शेयर की कीमत हर second बदलती

रहती है। इसीको हम प्राइस मूवमेंट कहते है।

इस प्राइस मूवमेंट को आप विभिन्न टाइम फ्रेम पर अभ्यास कर सकते है|

ट्रेडर्स को कंपनी के प्राइस को एनालिसिस करने के लिए टाइम फ्रेम का चुनाव करना

होता है| टाइम फ्रेम के कई सारे विकल्प होते है|

Technical Analysis में Use होने वाले विभिन्न टाइम फ्रेम

  • Monthly Charts
  • Weekly charts
  • Daily or End of day charts
  • Intraday charts – 30 Mins, 15 mins and 5 minutes

ये सारी टाइम फ्रेम Technical Analysis में इस्तेमाल होनेवाली है, लेकिन Technical Analysis में ज्यादातर

1 मिनट और 5 मिनट के टाइम फ्रेम Intraday Trading ट्रेडिंग में इस्तेमाल किये जाते है।

1 week का Time Frame, और 1 Day का टाइम फ्रेम long Term ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल किये जाते है|

How to learn technical analysis step by step in Hindi Part 2 : Price Movement

जैसा कि हम जानते हैं Technical Analysis प्राइस प्रिडिक्शन का काम करता है|

यानी कि भूतकाल में घटी हुई घटनाओं के अनुसार किसी भी शेयर की कीमत में

होने वाले उतार-चढ़ाव को मध्य नजर रखते हुए आने वाले समय में उस शेयर की

प्राइस घटेगी या बढ़ेगी इस चीज का अनुमान हम Technical Analysis की मदद से लगाते हैं| 

Share  के प्राइस का अनुमान लगाने के लिए Price Data भी बहुत बड़ी भूमिका

निभाता है| Share के Price Data के बारे में कुछ बातें जानना जरूरी है –

महत्वपूर्ण बाते:

Particular टाइम फ्रेम में “Open Price” और “Close Price” तथा “Lowest

(LOW)Price” और “Highest (HIGH) Price” किसी भी शेयर के लिए महत्वपूर्ण होती है|

इसी के साथ किसी भी टाइम फ्रेम मैं शेयर का volume कितना था इसकी जानकारी भी महत्वपूर्ण होती है|

Long Term के लिए किसी शेयर को खरीदने की अगर हम बात करें तो weekly या

Monthly चार्ट को देखकर हम शेयर के प्राइस डाटा कलेक्ट कर सकते हैं| 

अब जब हमने जान लिया है कि टेक्निकल एनालिसिस के सबसे महत्वपूर्ण दो स्तंभ है|

ट्रेडिंग में मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस का क्या महत्व है?

कई नए ट्रेडर 5 मिनट का चार्ट देखकर पोसिशनल ट्रेडिंग करते है|

या फिर 1day टाइम फ्रेम देखकर इंट्राडे में सौदे डालते है और अपनी कुंजी गवा बैठते है|

जो की एक गलत बात है| हर ट्रेडर को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए की टाइम फ्रेम

चुनते वक्त वह मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस करे|

मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस करने से एक्यूरेसी बढ़ती है| मल्टी टाइम फ्रेम

एनालिसिस मतलब एक चार्ट को विविध टाइम फ्रेम पर एनालिसिस करके ट्रेडिंग डिसिशन लेना|

इसे करने के लिए आपको सराव करने की जरुरत है| प्रैक्टिस के बाद मल्टी टाइम फ्रेम

एनालिसिस करना कुछ मिनटों का काम है|

आपके लिए टास्क वर्क-हर दिन कोई भी 5 कम्पनीज के ग्राफ/चार्ट आपको

TRADINGVIEW की मदत से देखने है और उस शेयर के बारे में आपकी क्या राय बनी उसे नोट कर लेना है|

कुछ दिन बाद जाने के बाद अपने जो शेयर के बारे में टिपण्णी लिखी है उसे क्रॉस चेक

करना है की जो अपने लिखा है वह सही साबित हुआ भी है या नहीं|

ऐसा सर्व करने से क्या होगा-ऐसा करने से आप का प्रक्टिकव होगा आपका

एनालिटिकल स्किल डेवेलप होगा और आप एक्सपर्ट बन जाओगे|

ऐसा सराव करने से आपके बिच क्या परिवर्तन हुआ यह हमें कमेंट कर के जरूर बताए|

Chart Pattern Analysis क्या है।


जैसा की हमने जाना है समय के साथ शेयर की कीमत बढती और घटती है जिसके

परिणाम स्वरूप ग्राफ या चार्ट्स बनते है।

आने वाले समय में शेयर की कीमत का अनुमान लगाने के लिए इस सारे डेटा का

इस्तेमाल किया जाता है। शेयर बाजार में कई सारे उतर चढाव होते रहते है जैसे

2020 में कोरोना-19 की महामारी के समय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को

मिली। उसके मुकाबले इस महामारी के दूसरे चरण में शेयर बाजार में ज्यादा कुछ नहीं हुवा।

यहाँ तक की रशिया-यूक्रेन के युद्ध कभी परिणाम शेयर बाजार पर देखा जा सकते है।

इस जैसे दावे या prediction हम Chart Pattern Analysis की मदत से कर सकते है।

किसी भी शेयर के बारेमे अलग अलग टाइम लिमिट्स के साथ किया हुआ अध्ययन उस शेयर के साथ निवेश करे या न करे, या

ट्रेडिन की जा सकती है या नहीं इन चीजोंकी जानकारी देता है।

Chart Pattern Analysis का उपयोग short-term और साथ ही long-term

पूर्वानुमान बनाने के लिए किया जा सकता है। चार्ट पैटर्न में इस्तेमाल किया जाने वाला

डेटा इंट्राडे, daily, weekly, monthly या yearly हो सकता है।

चार्ट क्या है,चार्ट कितने प्रकार के होते है

चार्ट एक निश्चित समय के दौरान Stock की Price और Volume  के उतार-चढ़ाव का एक  graphical representation है।

इस  graph Chart में X-axis हमे Time Period को दर्शाता है और Y-axis हमे Price movement को दर्शाता है।

चार्ट के कुल चार प्रकार होते है

Pin
The basic chart types

1) Line Chart (लाइन चार्ट)

2) Bar Chart (बार चार्ट)

3) Candlestick Chart (कैंडलस्टिक चार्ट)

4) Point & Finger Chart (पॉइंट और फिगर चार्ट)

इन सभी चार्ट पैटर्न में सबसे महत्वपूर्ण कैंडल स्टिक चार्ट पैटर्न को माना जाता है। ट्रेडिंग

करने के लिए सबसे आसान और popular चार्ट पैटर्न कैंडल स्टिक चार्ट का ही है|

इसमें कैंडल के रंग Green कलर – Bullish और Red कलर -Bearish view दिखाते है।  

Candlestick Chart Pattern को टेक्निकल एनालिसिस की स्टडी के लिए ज्यादा पसंद किया जाता है|

अब  CandleStick की जानकारी देखते है| 

Pin
candle

ऊपर दिखाए गए candles को देखा जाये तो इसमें Open, Close, High और Low

वैल्यू वाले डेटा आप देख सकते है|

Open-ओपन:- यह वो कीमत होती है जब मार्केट शुरू होता है यहाँ पहला ट्रेड execute होता है|

Close-क्लोज:- यह दिन की वो कीमत है जिस पर मार्केट क्लोज हो गया है। यानि इसे

अखरी  price भी कहा जा सकता यही। 

High-हाई:- दिनभर का शेयर का उच्चतम भाव जहा शेयर्स ख़रीदे और बेचे गए लेकिन

उस भाव पर रेट टिका नहीं रहा और उसे सेलर्स द्वारा निचे की और खींच लिया गया|

Low-लो:- गया हुआ होता है प्राइस वह स्थिर नहीं रहता और प्राइस को ऊपर की और खींच लिया जाता है|

Bullish Candlestick (बुलिश कैंडलस्टिक)

Body (बॉडी):-

यह हिस्सा ओपनींग और क्लोज़ींग प्राइस को रिप्रेजेंट करता है। एक बुलिश कैंडलस्टिक

में ओपन हमेशा क्लोज़ से कम रहता है। बॉडी कितनी बड़ी है, कैंडल की बॉडी की साइज

के आधार पर इस के कुछ प्रकार होते है| जो निचे चित्र में दिए गए है|

कैंडल की साइज जीतनी बड़ी होगी उतनी मार्किट में तेजी दिखती है|

बुलिश कैंडल मतलब buyers की sellers पर जित हुई है|

Pin
Technical Analysis Part 2

Head हेड(Upper Shadow):-

Candlestick का हेड, जिसे अपर Shadow के रूप में भी जाना जाता है, Closing

Price को हाई कीमत से जोड़ता है।

Tail टेल(Lower Shadow):-

Candlestick की टेल, जिसे निचली Shadow के रूप में भी जाना जाता है, Opening

Price को सबसे कम कीमत से जोड़ता है।

When close > open = It is a Bullish candle

Bearish Candlestick (बियरिश कैंडलस्टिक)

Body (बॉडी) :-

यह हिस्सा ओपनींग और क्लोज़ींग वैल्यू को रिप्रेजेंट करता है।

एक बियरिशकैंडलस्टिक में ओपन हमेशा क्लोज़ से ज्यादा रहता है। कैंडल की साइज

जीतनी बड़ी होगी उतनी मार्किट में मंदी बड़ी दिखती है|

Bearish कैंडल मतलब sellers की Buyers पर जित हुई है|

Pin
Technical Analysis Part 2

Head हेड (Upper Shadow):-

Candlestick का हेड, जिसे अपर Shadow के रूप में भी जाना जाता है, ओपनींग

कीमत को उच्च कीमत से जोड़ता है।

Tail टेल (Lower Shadow):-

Candlestick की टेल, जिसे लोअर Shadow के रूप में भी जाना जाता है, closing

price को सबसे कम कीमत से जोड़ता है।

When close < open = It is a Bearish candle

निष्कर्ष

How to learn technical analysis step by step in Hindi Part 2: इस आर्टिकल

में हमने चार्ट पेटर्न के प्रकार देखे|

जिससे आपको समझ आया होगा की ट्रेडिंग में कैंडलस्टिक चार्ट सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रखता है|

इसी के साथसाथ हमने बुलिश और बेअरिश कैंडलस्टिक को भी स्टडी किया|

यदि यह आर्टिकल में दी गई इनफार्मेशन आपको समझने में दिक्कत हुई तो हमारा

Basics of Technical Analysis: टेक्निकल एनालिसिस की A,B,C,D यह जरूर पढ़े|

ट्रेडिंग में सफलता के लिए समय सीमा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे सावधानी से चुनना जरुरी है|

उम्मीद करता हु की आर्टिकल आपको पसंद आया होगा| आपके दोस्तों साथ शेयर करना न भूले|

Leave a Comment

Share to...