Mutual Funds Sahi Hai : म्यूच्यूअल फण्ड की पूरी जानकारी

अक्सर हम TV टीवी के विज्ञापनों में Mutual Funds के बारे में सुनते है, की Mutual Funds Sahi Hai  पर हम मे से कई लोगो ने अभी भी अज्ञान के कारन अभीतक Mutual Funds में अपनी  investment शुरू नहीं की है।

Mutual Funds Sahi Hai

म्युचुअल फंड अपने लिक्विडिटी, सुविधा के कारण हाल के वर्षों में निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।

लेकिन वास्तव में म्यूचुअल फंड क्या हैं और निवेशक इनसे कैसे लाभान्वित हो सकते हैं? इसे हम विस्तार से समझेंगे|

इस म्यूच्यूअल फण्ड की सीरीज में हम विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड, उनके फायदे और उनमें निवेश से जुड़े जोखिमों का पता लगाएंगे। हम म्युचुअल फंड में निवेश के सर्वोत्तम तरीकों पर बात करेंगे।

म्युचुअल फंड की मूल बातें समझना जरुरी है।

म्युचुअल फंड की बारीकियों में जाने से पहले, उनकी मूल संरचना और कार्य को समझना महत्वपूर्ण है।

What is Mutual Fund /म्युचुअल फंड क्या है?

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Mutual Funds Sahi Hai

इसके मूल में, एक म्यूचुअल फंड एक प्रकार का निवेश वाहन है जो विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियों को खरीदने के लिए कई निवेशकों से धन एकत्र करता है।

इन प्रतिभूतियों में स्टॉक, बॉन्ड और अन्य निवेश शामिल हो सकती हैं, जो निवेशकों को अपने निवेश पर डायवर्सिफिकेशन प्रदान करती हैं।

म्यूच्यूअल फंड्स फण्ड मैनेजर(fund manager) या प्रोफेशनल मनी मैनेजर्स (professional money managers) के द्वारा संचालित होते हैं|

इन्हे मार्किट की जानकारी के साथ साथ  बहुत अच्छी समझ होती है ये लोग पैसो का निवेश करके मुनाफा निवेशकों के साथ बाटते है। 

क्या म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना सेफ है ?

TV  में भी जब म्यूच्यूअल फंड्स के विज्ञापन के आखिर में हम सुनते है की -

"Mutual Fund निवेश बाजार के जिखिमो के अधीन है कृपया सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़े" लेकिन यहाँ हमारा निवेश  फण्ड मैनेजर जैसे मार्केट की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के पास होता है|

तो यहाँ शेयर बाजार से कम रिस्क होती हैऔर आपने कौन सा म्यूच्यूअल फण्ड  निवेश के लिए चुना है इस पर भी रिस्क निर्भर करता है ।

How Mutual Fund Works/ म्युचुअल फंड कैसे काम करते हैं ?

जब कोई निवेशक म्यूचुअल फंड में शेयर खरीदता है, तो वह अनिवार्य रूप से फंड द्वारा रखी गई असेट का एक हिस्सा खरीद रहा होता है।

जैसे-जैसे इन असेट का मूल्य बढ़ता या घटता है, वैसे-वैसे निवेशक के शेयरों का मूल्य भी बढ़ता जाता है।

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Mutual Funds Sahi Hai

इस बात को आसान भाषा में समझते हैं म्यूचल फंड कंपनी होती है|

जैसे  फंड्स बाजार, बजाज फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, इत्यादि इन कंपनियों में एक फंड मैनेजर होता है जिसे हम फाइनेंस मैनेजर भी कह सकते हैं|

  यह व्यक्ति फाइनेंस की और शेयर मार्केट की ज्यादा जानकारी रखता है|

इन्हें बढ़ने वाले शेयर गिरने वाले शेयर और बाजार में होने वाली सारी हरकतों के बारेमें अछि जानकारी होती है , वे अपने एक्सपीरियंस का इस्तेमाल करते हुए पैसोको निवेश करते है।

 जब हम म्यूचुअल फंड में किसी कंपनी में किसी स्कीम में पैसे इन्वेस्ट करते हैं तब यह सारे पैसे फंड मैनेजर अलग-अलग  कंपनियों में इन्वेस्ट कर देते है।

 जब हम म्यूचुअल फंड में किसी कंपनी में किसी स्कीम में पैसे इन्वेस्ट करते हैं तब यह सारे पैसे फंड मैनेजर अलग-अलग  कंपनियों में इन्वेस्ट कर देते हैं|

हम जानते हैं कि कोई कंपनी का शेयर बहुत बढ़ने वाला है लेकिन उस शेयर की कीमत ज्यादा होने के कारण हम उसे खरीद नहीं पाते हैं|

तो यहां म्युचुअल फंड काम कर सकता है, जैसे वह ज्यादा लोगों से पैसे जमा करवाते हैं और उन सारे पैसों से अच्छी कंपनियों के महंगे शेयर खरीद सकते हैं|

भविष्य में जब उस शेयर की कीमत बढ़ेगी तब उसका फायदा नासिर कंपनी को होगा बल्कि उसका फायदा इन्वेस्ट करने वाले हर व्यक्ति को हो सकता है।

इन सारी बातों को और आसान शब्दों में समझना चाहे तो यह कहा जा सकता है कि सभी इन्वेस्टर्स के पैसे एक जगह जमा करके वह अच्छे से अच्छी कंपनियों में इन्वेस्ट किए जाते हैं|

और उससे जो  मुनाफा होता है उसमें से कुछ परसेंट कंपनी को दिए जाते हैं और बाकी के पैसे सभी इन्वेस्टर्स में समान रूप से विभाजित किए जाते है।

म्यूचुअल फंड के प्रकार

म्यूचुअल फंड के तीन मुख्य प्रकार हैं:

ओपन-एंड फंड्स: ये सबसे सामान्य प्रकार के म्यूचुअल फंड हैं। वे निवेशकों की मांग के आधार पर किसी भी समय शेयर इन्वेस्ट और रिडीम कर सकते हैं।

क्लोज-एंड फंड्स: ये फंड निश्चित संख्या में शेयर जारी करते हैं, जिनका स्टॉक एक्सचेंजों में कारोबार होता है।

Exchange-traded fund(ETF) ईटीएफ क्लोज-एंड फंड्स के समान हैं, लेकिन एक्सचेंजों पर शेयरों की तरह कारोबार किया जाता है।

म्युचुअल फंड के फायदे

म्युचुअल फंड में निवेश करने के कई सारे फायदे हैं, जैसे की :
विविधता(Diversification)

क्योंकि म्युचुअल फंड विभिन्न प्रकार की कम्पनीज में निवेश करते हैं, वे निवेशकों को विविधीकरण प्रदान करते हैं और केवल एक शेयर में निवेश की जोखिम को कम करते हैं।

म्युचुअल फंड कई अलग-अलग प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं, जिससे निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत छोटे निवेश के साथ एक विविध पोर्टफोलियो के संपर्क में आना संभव हो जाता है।

फण्ड मैनेजर/एक्सपर्ट द्वारा निवेश के निर्णय

म्युचुअल फंड का मैनेजमेंट अनुभवी एक्सपर्ट द्वारा किया जाता है जो शेयरधारकों की ओर से निवेश संबंधी निर्णय लेते हैं। इससे निवेशकों को कुशल फंड मैनेजरों की विशेषज्ञता का लाभ मिलता है।

लिक्विडिटी

आप किसी भी समय अपने पैसे किये हुए निवेश से निकल सकते है। ओपन-एंड म्युचुअल फंड को किसी भी समय खरीदा और बेचा जा सकता है, जिससे वे निवेशकों के लिए अत्यधिक तरल निवेश विकल्प बन जाता हैं।

ELSS(Equity Linked Saving Schemes) से आप आयकर की धारा 80 सी के तहत कर लाभ प्राप्त कर सकते है।
ELSS जैसी टैक्स सेविंग स्कीम में 3 साल की अवधि में सबसे कम लॉक होते है।

म्युचुअल फंड में निवेश कैसे करें


म्युचुअल फंड में निवेश करना आसान है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के कुछ तरीके के बारे में बात करेंगे :

सही म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव

निवेशकों को एक म्यूचुअल फंड चुनना चाहिए जो उनके निवेश उद्देश्यों, जोखिम और फाइनेंसियल प्लानिंग के अनुरूप होना चाहिए ।

फंड प्रॉस्पेक्टस को समझना


फंड प्रॉस्पेक्टस में फंड के निवेश उद्देश्यों, जोखिम प्रोफाइल, हिस्टोरिकल परफॉरमेंस , फीस, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में विस्तृत जानकारी होती है, जिसे निवेशकों को सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए।

Broker या वित्तीय सलाहकार के माध्यम से निवेश करना जरुरी


निवेशक एक ब्रोकर या वित्तीय सलाहकार के माध्यम से म्युचुअल फंड खरीद सकते हैं, जो सही फंड चुनने पर मार्गदर्शन और सलाह दे सकते हैं।

ऑनलाइन निवेश करना


ऑनलाइन ब्रोकरेज म्युचुअल फंड में निवेश करने का एक आसान और सुविधाजनक तरीका प्रदान करते हैं।

म्युचुअल फंड प्रदर्शन का मूल्यांकन


सूचित निवेश निर्णय लेने के लिए म्युचुअल फंड के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है। यहाँ कुछ प्रमुख मैट्रिक्स को ध्यान में रखना है|

रिटर्न मापना


म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए निवेशक विभिन्न उपायों का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें कुल रिटर्न, वार्षिक रिटर्न और चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर शामिल है।

बेंचमार्क के साथ तुलना


स्टॉक इंडेक्स या बॉन्ड इंडेक्स जैसे प्रासंगिक बेंचमार्क के साथ फंड के प्रदर्शन का मूल्यांकन, व्यापक बाजार की तुलना में फंड कितना अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, इसकी जानकारी प्रदान कर सकता है।

शुल्क और एक्सपेंस को समज़ना


म्युचुअल फंड अलग-अलग शुल्क और हैं, जैसे मैनेजमेंट फीस , गवरमेंट चार्जेज और 12बी-1 शुल्क। निवेशकों को यह समझने के लिए इन शुल्कों और खर्चों की बारीकी से जांच करनी चाहिए कि वे फंड के प्रदर्शन को कैसे प्रभावित कर सकते है|

म्युचुअल फंड में निवेश के जोखिम समज़ना जरुरी

जबकि म्यूचुअल फंड कई लाभ प्रदान करते हैं, वे जोखिम के बिना नहीं हैं। यहाँ कुछ प्रमुख जोखिमों को ध्यान में रखना चाहिए|
जैसे की,

बाजार ज़ोखिम

म्युचुअल फंड का रिटर्न्स जागतिक शेयर मार्केट में होने वाले उतार चढाव से प्रभावित होता है,इसमें इंटरेस्ट रेट्स,ब्याज दर भी हो सकते है|

फंड मैनेजर के कौशल और काम का अनुभव

म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन फंड मैनेजर के अनुभव और काम करने के तरीकेसे से प्रभावित होता है , जो हर फण्ड के लिए अलग अलग होता है|

लिक्विडिटी जोखिम

क्लोज-एंड फंड और ईटीएफ ओपन-एंड फंड की तुलना में कम तरल हो सकते हैं, जिससे शेयरों को खरीदना और बेचना ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

करेंसी जोखिम

अंतरराष्ट्रीय म्युचुअल फंड में निवेश करने से निवेशकों को करेंसी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है, जो करेंसी के उतार-चढ़ाव का जोखिम है जो निवेश के मूल्य को प्रभावित करता है।

म्युचुअल फंड निवेश में टैक्स ट्रीटमेंट

म्युचुअल फंड में निवेशकों के लिए कर निहितार्थ हो सकते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख बातों को ध्यान में रखना है|

म्युचुअल फंड में निवेश पर टैक्स किस तरह होता है|

म्युचुअल फंड से वितरण को शार्ट टर्म कैपिटल गेन , लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन या डिविडेंट के रूप में क्लासीफय किया जा सकता है|

कैपिटल गेन और लॉस

म्यूचुअल फंड शेयरों को खरीदने और बेचने पर निवेशकों को कैपिटल लाभ या हानि हो सकती है।

डिविडेंट इनकम

म्युचुअल फंड शेयरधारकों को डिविडेंट का भुगतान कर सकते हैं, जिन पर साधारण इनकम के रूप में टैक्स लगाया जाता है।

म्युचुअल फंड में निवेश के निवेशक को किनकिन चीज़ो का अभ्यास करना चाहिए|

म्युचुअल फंड में निवेश करते समय निवेशकों को कई चीजो क़ो ध्यान में रखना चाहिए|

निवेश का लक्ष्य निर्धारित करना

म्युचुअल फंड में निवेश करने से पहले, निवेशकों को अपने निवेश के उद्देश्यों, जोखिम सहनशीलता और आर्थिक लक्ष को निर्धारित करना चाहिए|

डायवर्सिफिकेशन ऑफ़ पोर्टफोलियो

कहा जाता है आम की डाल में यदि एक आम भी सड़ा हुआ होता है, तो वह सारे आम ख़राब कर देता है|

उसी तरह निवेशक को अपना सारा  पैसा किसी कंपनी में डालने के बजाए अलगअलग कम्पनीज में डालना चाहिए |

यदि कोई एक कंपनी ख़राब परफॉरमेंस करती है तो बाकि कम्पनीज उसे संभाल लेगी| इसे ही डायवर्सिफिकेशन या विविधता कहा जाता है| 

नियमित परफॉरमेंस चेक करना जरुरी

निवेशकों को नियमित रूप से अपने म्युचुअल फंड के प्रदर्शन की निगरानी करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अपने निवेश उद्देश्यों को पूरा कर रहे हैं।

और यदि परफॉरमेंस ख़राब होता है तो कुछ अलग जगह निवेश करना चाहिए|

म्युचुअल फंड में विनियमन की भूमिका

म्यूचुअल फंड उद्योग को प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) द्वारा नियंत्रित किया जाता है| ये नियम निवेशकों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।

म्युचुअल फंड बाजार लगातार विकसित हो रहा है, नए फंड लॉन्च किए जा रहे हैं और मौजूदा फंड अपडेट किए जा रहे हैं।

म्यूच्यूअल फण्ड की परफॉरमेंस कैसे नापे

म्यूच्यूअल फण्ड की परफॉरमेंस नापने के अलगअलग तरीके है जैसे की , अच्छे परफॉरमेंस वाला म्युचुअल फंड की पहचान करने के लिए निवेशक कई तरह की रणनीतियों का उपयोग कर सकते हैं|

जिसमें प्रदर्शन डेटा का विश्लेषण करना, फंड की होल्डिंग की जांच करना और फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड का मूल्यांकन करना शामिल है।

म्यूच्यूअल फण्ड शब्दावली

नेट एसेट वैल्यू (एनएवी)

नेट एसेट वैल्यू एक म्यूचुअल फंड की एसेट्स का कुल मूल्य माइनस इसकी देनदारियां हैं। यह फंड में एक शेयर के मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है।

एक्सपेंस रेश्यो

यह फी फण्ड मैनेजर फण्ड मैनेज करने के लिए लगायी जाती है, यह कुल मैनेज किए हुए फण्ड का परसेंटेज रूप में व्यक्त किया जाता है|

लोड बनाम नो-लोड फंड

जब निवेशक फंड में शेयर खरीदते या बेचते हैं तो लोड फंड बिक्री कमीशन या लोड चार्ज करता है। नो-लोड फंड बिक्री कमीशन नहीं लेते हैं।

FAQ - Frequently Asked Questions

1) मुझे म्यूचुअल फंड में कितना निवेश करना चाहिए?

एक निवेशक को म्यूचुअल फंड में कितनी राशि का निवेश करना चाहिए, यह उनके वित्तीय लक्ष्यों, निवेश उद्देश्यों और जोखिम सहनशीलता पर निर्भर करता है।

2) म्युचुअल फंड में निवेश करते समय मुझे किस शुल्क की उम्मीद करनी चाहिए?

निवेशकों को म्यूचुअल फंड के मालिक होने से जुड़े प्रबंधन शुल्क, प्रशासनिक शुल्क और अन्य खर्चों का भुगतान करने की उम्मीद करनी चाहिए।

3) क्या सभी म्युचुअल फंड एक्टीवेली मैनेज किए जाते है ?

नहीं,सभी फंड्स एक्टीवेली मैनेज नहीं किए जाते,कुछ फंड्स इंडेक्स की परफॉरमेंस के साथ अपने निवेश के डिसिशन लेते है|

4) क्या मैं जब चाहूं म्युचुअल फंड शेयर खरीद और बेच सकता हूं?

ओपन-एंड म्युचुअल फंड को कभी भी खरीदा और बेचा जा सकता है। क्लोज-एंड फंड और ईटीएफ को शेयरों की तरह कारोबार किया जाता है और शेयरों को खरीदा और बेचा जा सकता है।

निष्कर्ष

Mutual Funds Sahi Hai: दरअसल Mutual Funds की पूरी जानकरि ना होने के कारण इन में इन्वेस्ट करनेसे कई लोग बचते है।

लेकिन Mutual Funds एक बहुत अच्छी investment facility है। Mutual Funds Sahi Hai बस इसकी सही जानकारी होना जरुरी है|

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश से डायवर्सिफिकेशन,प्रोफेशनल फण्ड मैनेजर,लिक्विडिटी आदि चीजे  पॉसिबल होती है|

म्यूच्यूअल फण्ड को समजके सही फण्ड चुनना उसका परफॉरमेंस नियमित चेक करना यह म्यूच्यूअल फण्ड निवेशक को जरुरी है|

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